वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ । निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
जय सत्य सनातन: धर्मो रक्षति रक्षितः
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सनातन धर्म के व्रत, त्यौहार, पूजा-विधि, चालीसा, आरती, मंत्र और व्रत कथाओं का शास्त्रसम्मत एवं संतों द्वारा प्रमाणित संग्रह। हर दिन के धार्मिक महत्व, पूजन-विधान और परंपराओं की संपूर्ण जानकारी -सरल भाषा में, एक ही स्थान पर।
अप्रैल 2026 व्रत एवं त्यौहार
साप्ताहिक व्रत
आरती और चालीसा संग्रह
VratTyohar के इस विशेष आरती और चालीसा संग्रह में आपका हृदय से स्वागत है। यहाँ आपको प्रथम पूज्य श्री गणेश, देवाधिदेव महादेव, माँ जगदम्बा, संकटमोचन हनुमान जी और धन की देवी माँ लक्ष्मी सहित सभी प्रमुख देवी-देवताओं की प्रामाणिक आरतियों और सिद्ध चालीसाओं का संपूर्ण संकलन मिलेगा। हमारा मानना है कि जहाँ श्रद्धापूर्वक गाई गई आरती घर के कोने-कोने को सकारात्मक ऊर्जा और पवित्रता से भर देती है, वहीं चालीसा का नियमित पाठ जीवन के हर संकट को दूर कर भीतर एक नई शक्ति और निर्भयता का संचार करता है। आइए, नित्य पाठ और स्तुति से अपने जीवन में सुख, शांति और ईश्वरीय कृपा का आह्वान करें।
नाम जप महिमा
सनातन धर्म के पंचदेव
सनातन धर्म में भगवान गणेश, शिव, विष्णु, माँ दुर्गा और सूर्य देव को ‘पंचदेव’ के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि दैनिक जीवन में इन पांच परम शक्तियों के एक साथ दर्शन और स्मरण मात्र से सभी बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-शांति व समृद्धि का वास होता है। आइए, सनातन धर्म के इन आदि स्वरूपों के दिव्य दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।





